DOT कोड कैसे पढ़ें?
जिस टायर का ट्रेड अभी भी गहरा दिखता है, वह भी पुराना हो चुका हो सकता है। टायर कब बना, यह जानने का तरीका उसकी साइडवॉल पर लिखा DOT कोड है। नया टायर ख़रीदते समय भी और सेकंड-हैंड कार देखते समय भी इस कोड को देखने में कुछ ही सेकंड लगते हैं, और यह आपको एक गंभीर ख़तरे से बचा सकता है।
DOT कोड कहाँ लिखा होता है?
DOT अमेरिका के परिवहन विभाग (Department of Transportation) का छोटा रूप है, लेकिन यह कोड दुनिया भर में बिकने वाले टायरों पर होता है। यह टायर की साइडवॉल पर "DOT" अक्षरों से शुरू होने वाली, अक्षरों और अंकों की एक लाइन है। जैसे:
DOT 4B2X 7Y9R 2324
हो सकता है पूरा कोड दोनों साइडवॉल पर न हो। बनने की तारीख़ बताने वाला आख़िरी हिस्सा कभी-कभी सिर्फ़ एक साइडवॉल पर लिखा होता है। न मिले तो टायर की दूसरी तरफ़ देखें।
आख़िरी चार अंक: बनने की तारीख़
कोड के बिल्कुल आख़िर के चार अंक टायर के बनने की तारीख़ हैं:
- पहले दो अंक: बनने का हफ़्ता (01–53)
- आख़िरी दो अंक: बनने का साल
2324 का मतलब है 2024 का 23वाँ हफ़्ता, यानी जून 2024 की शुरुआत। 0821 का मतलब है 2021 का 8वाँ हफ़्ता, यानी फ़रवरी 2021।
साल 2000 से पहले बने टायरों में तारीख़ तीन अंकों में लिखी जाती थी (जैसे 189: 1999 का 18वाँ हफ़्ता)। तीन अंकों वाले DOT कोड का टायर आज कम से कम 25 साल पुराना है और बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
बाकी अक्षरों का क्या मतलब है?
- पहले दो कैरेक्टर (4B): उस फ़ैक्ट्री का कोड जहाँ टायर बना
- अगले कैरेक्टर (2X 7Y9R): साइज़ और निर्माता के अपने टाइप कोड
ड्राइवर के लिए ज़रूरी हिस्सा आख़िरी चार अंक हैं।
टायर पुराना क्यों होता है?
टायर रबर, स्टील, कपड़े और कई केमिकल से बना होता है। समय के साथ ऑक्सीजन, धूप (UV), गर्मी और ओज़ोन रबर का लचीलापन घटाते हैं। नतीजा:
- साइडवॉल और ट्रेड के तल में बारीक दरारें बनती हैं।
- रबर सख़्त हो जाता है, ख़ासकर गीली सतह पर पकड़ घटती है।
- तेज़ स्पीड और गर्म मौसम में ट्रेड अलग होने का ख़तरा बढ़ता है।
यह प्रक्रिया टायर बिल्कुल इस्तेमाल न हो तब भी चलती रहती है। गैराज में रखी स्टेपनी भी पुरानी होती है।
टायर कितने साल इस्तेमाल करें?
कोई कानूनी उम्र सीमा नहीं है, लेकिन टायर और कार निर्माताओं की आम सलाह यह है:
- 5–6 साल के बाद हर साल टायर की जाँच किसी टायर वाले से करवानी चाहिए।
- 10 साल से पुराना टायर, ट्रेड कितना भी गहरा हो, बदल देना चाहिए।
इस्तेमाल के हालात के हिसाब से ये समय कम हो जाते हैं। लगातार धूप में खड़े रहने वाले, लंबे समय तक कम प्रेशर में चलाए गए या ऊँचे तापमान में चलने वाले टायर जल्दी पुराने होते हैं।
नया टायर ख़रीदते समय
"नया" टायर कुछ समय दुकान में पड़ा रहा हो सकता है। सही तरीके से रखे गए टायर का बनने के कुछ महीने या एक-दो साल बाद बिकना सामान्य है और इससे टायर की परफ़ॉर्मेंस पर ख़ास असर नहीं पड़ता। फिर भी:
- ध्यान रखें कि चारों टायरों के बनने की तारीख़ें एक-दूसरे के करीब हों।
- बहुत पुरानी तारीख़ का टायर आपको "नया" बताकर न दिया जाए। लगवाने से पहले तारीख़ जाँच लें।
सेकंड-हैंड कार ख़रीदते समय
सेकंड-हैंड कार में चारों टायरों और स्टेपनी के DOT कोड देखें। ट्रेड अच्छा दिखे तब भी 7–8 साल से पुराने टायरों का मतलब है जल्द ही बदलने का ख़र्च। मोलभाव में आप इसका ध्यान रख सकते हैं।
छोटी जाँच
- साइडवॉल पर "DOT" लिखा ढूँढें।
- आख़िरी चार अंक पढ़ें: पहले दो हफ़्ता, आख़िरी दो साल।
- टायर की उम्र निकालें।
- देखें कि साइडवॉल पर दरारें तो नहीं हैं।
- शक हो तो किसी टायर वाले को दिखाएँ।